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  • Ujjawal Trivedi

बॉलीवुड में कैसे होती है घेराबंदी : How The Nexus Works in Bollywood

मेरे इस ब्लॉग में आप जानेगे कि कि Bollywood में Nexus कैसे काम करता है । असल में यह Nexus एक mutual understanding के तहत चलता है। इसे चलाने वाले लोग PR, Journalist, Papparazzi, Film Critic और Trade Analyst कुछ भी हो सकते है। ये लोग कुछ बड़े बॉलीवुड फिल्म प्रोड्यूसर्स से इसी बात का पैसा लेते हैं कि वो उनकी फिल्मों को लेकर सोशल मीडिया में अच्छा माहौल बनाएंगे । उनकी फिल्मों की तारीफ करेंगे और हर वक्त उनका ऐसा महिमामंडन करेंगे जिससे उनकी छवि लोगों के बीच बहुत अच्छी बनी रहे। चलिये यंहा तक तो सब ठीक है क्योकि बॉलीवु़ड में image को ही बेचा जाता है लेकिन इसके आगे शुरू होता है खतरनाक गंदा खेल।


असली मकसद होता है Negative Publicity



असल में इन सब लोगो का एक और काम होता है और वो ये कि जो लोग इनकी आंखों की किरकिरी बनते हैं और इनकी भाषा में आउटसाइडर (Outsider) होते हैं यह उन्हे नीचा दिखाने के लिये कभी blind item

लिखते हैं या कोई negative post करते रहते है। मान लीजिये कि अगर ये कोई talk show कर रहे है तो उन लोगो का नाम लेकर या उनका बेवजह मज़ाक बनाकर पब्लिक प्लेटफॉर्म पर नीचा दिखाते हैं और एक तयशुदा रणनीति के तहत उनकी इमेज को धीरे धीरे खराब करने का काम करते है ।


ये लोग जब कोई सितारा जंगल में अवैध रूप से हिरन का शिकार कर ले या शराब पीकर फुटपाथ पर सो रहे लोगो पर गाड़ी चढा दे तो उसके बारे में कभी गलत नहीं लिखेगे पर जो इनके निशाने पर हो उसे ये बेवजह भी निशाना बनाते रहते है।


अब यह सब पढ़ने के बाद आप गौर कीजिए राजीव मसंद के लिखे कुछ ब्लाइंड आइटम्स पर ।

फिर देखिए कॉफी विद करण में करण जौहर की उस बयानबाजी को जो कुछ खास लोगों के लिए की जाती है।इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें निशाना ऐसे लोगों को ही बनाया जाता है जो फिल्म फैमिली से नहीं आते हैं बार-बार ऐसे लोगों का मजाक बनाना और यह दिखाना कि यह हमारे बीच के नहीं हैं यही इनका मुख्य मकसद होता है। इनकी घेरेबन्दी करके अगर ये अच्छा काम कर भी रहे हो तो इन्हे आगे बढने से रोका जाता है।


The Nexus Works Like a 'Slow Poison'


असल में यह सब एक मीठे ज़हर की तरह धीरे धीरे ही असर करता है। सुशांत सिंह राजपूत के केस में यही हुआ। इसी तरह के ज़हर को उनके जीवन में धीरे-धीरे घोला गया । चाहे सोशल मीडिया पर आए कुछ आर्टिकल्स हो या फिर किसी अवॉर्ड शो में स्टेज पर उनके साथ किया गया मजाक । जब हर तरफ से एक व्यक्ति को निशाना बनाया जाता है तो उसका असर देर से ही सही पर होने लगता है । ठीक वैसे ही जैसे सुशांत के केस में हुआ। बॉलीवुड में घेराबंदी करने वाले लोग यही चाहते हैं कि वह अपने Target का Morale Down करें उसके मन में हीन भावना जागृत करें। ताकि जब भी वह अपने बारे में इंटरनेट पर या टीवी पर कहीं कुछ देखें-सुने तो उसे सिर्फ अपने बारे में अपना मजाक उड़ता हुआ ही दिखाई दे।


अब आप सोचिए कि अगर ऐसा हर रोज कई सालों तक होगा और आप ही की बिरादरी के लोग जहां आपका रोज़ का उठना बैठना है वही लोग बार-बार आपका मजाक बनाएंगे तो आपकी मन: स्थिति कैसी हो जाएगी ?कोई हैरानी की बात नहीं है कि आप किसी तनाव (stress) का शिकार होकर Depression में चले जाएं।



अब आप मेरी लिखी इस कहानी को सुशांत सिंह राजपूत के साथ हुए हादसे से जोड़ कर देखें तब आपको सुशांत पर Blind Items लिखने वाले राजीव मसंद, उनका मजाक बनाने वाले करण जौहर, सोनम कपूर, आलिया भट्ट और इन्हीं की तरह के बाकी के लोग किसी बड़े खलनायक से कम नहीं लगेंगे।


इन दिनो एक Film Trade Analyst इस मामले में नामज़द हो रहे ईद वाले भाईजान का बचाव करने के लिये youtube पर एक Truth Series चलाने मे लगे है। असल में इन सबको बडे सितारो के साथ Interview करके उसे अपने चैनल पर चलाना होता है जिससे वो आप जैसी जनता को मूर्ख बनाकर पैसे बना सके। एक तरह से इस पूरे खेल में आप भी शामिल हो जाते है।


सोशल मीडिया सामने लाया नंगा सच


भला हो सोशल मीडिया का जो अब धीरे-धीरे ब्लॉगर्स के जरिए इनकी असलियत लोगों के सामने आ रही है। अब लोगों के आंख कान खुल रहे हैं । वैसे इनका बस चलता तो वो यह भी ना होने देते क्योंकि मीडिया के एक बड़े हिस्से पर भी इन्होंने ही कब्ज़ा कर रखा है पर अब इनका काला चिट्ठा खुल गया है। इनकी असलियत नंगी होकर सबके सामने हैं नतीजा ये कि इनकी झूठी इज्जत लोगों के बीच तार-तार हो गई है ।


आसानी से बाज़ नहीं आयेगे बेशर्म !


आप चिंता मत कीजिए यह अभी बाज़ नहीं आएंगे । ये लोग अब भी यही करेंगे जो ये बरसों से करते आए हैं ।सच कहें तो कुछ करने की बारी अब आपकी है। अब आपको इन्हें बॉयकॉट करना है। इनके सोशल मीडिया पर इन्हें अनफॉलो करना है। अपना गुस्सा इन्हें बताना है साथ ही यह भी जताना है कि अब आप और बनने के लिए तैयार नहीं हैं ।


इनका खेल खत्म हो चुका है। बरसों से जो एक दूसरे के साथ खेलते आए हैं वही खेल अब इनके साथ भी खेला जाएगा तभी इनकी समझ में यह बात आएगी की इनके ही अपने कर्म हैं जो इनके सामने आ रहे हैं ।


इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद देर मत कीजिए अगर इनमें से किसी को भी गलती से आप किसी सोशल मीडिया account पर follow कर रहे हो या अपना किसी भी तरह का support इन की फिल्म देख कर दे रहे है तो उस पर रोक लगाइए और अपना विरोध दर्ज़ कराइए ताकि हमारे बीच फिर से कभी कोई सुशांत सिंह राजपूत जैसा भयानक कदम ना उठाए । अगर आप वाकई सुशांत को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो इसमें सहयोग कीजिए और इन सबको सबक सिखाइये।

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