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  • Ujjawal Trivedi

ऐसे बनते है टी वी न्यूज़ चैनल Bollywood PR के हाथों की कठपुतली

अगर आप मूर्ख नहीं है तो आपको अगले दो मिनट में बहुत कुछ ऐसा समझ में आ जायेगा जिसे जानकर आपको ये हैरानी होगी कि आपने अभी तक इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया था ।



जिस दिन सलमान की फिल्म 'राधे' का ट्रेलर रिलीज होता है और उसी दिन हमारे देश का एक न्यूज़ चैनल यह खबर दिखाता है कि सलमान खान मुंबई के अलग-अलग इलाकों में भी being Haangry के नाम से एक live kitchen वाला ट्रक भेज रहे हैं जो कोरोना से जूझ रहे मुंबई पुलिस के लोगों को मुफ्त में खाना खिला रहा है ।


यंहा इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि ये खबर उसी दिन चलाई जा रही है जिस दिन उनकी फिल्म का

ट्रेलर आता है...अब उसी दिन दिखाने का मतलब है कि एक तयशुदा PR Stunt के तहत उस रिपाेर्ट को दिखाया जा रहा है।


आपकी जेब से पैसा निकालने के लिए किया जाता है सारा खेल


क्या देश की जनता इतनी मूर्ख है कि उसे ये बात समझ ना आए कि बॉलीवुड का एक हीरो जो ये कह रहा है कि इस भयंकर महामारी के बीच भी मैं अपनी फिल्म लेकर आऊंगा। जिस पर लोग बवाल मचा रहे है क्योकि फिल्म लाने का मतलब ये है कि वो ये चाहते है कि आप अपने घरों से बाहर निकले और अपनी जेब ढीली करें जिससे फिल्म के हीरो और प्रोड्यूसर की तिजोरियां भर जाये। खर्च आपका और फायदा उनका होगा।


जिस वक्त लोगो को घरों के अंदर रहने की और अपने बचे हुए धन को बचाकर रखने की जरूरत है ऐसे वक्त में वो लोगों को घर से निकलने और अपनी मेहनत की कमाई उसकी फिल्म पर खर्च करने को कह रहा है।

आज जब अस्पतालों को ऑक्सीज़न की जरूरत है और शमशान में शवो का संस्कार करने की जगह नही है ऐसे में आप मनोरंजन की बात कर रहे है ?


असल में बॉलीवुड टी वी न्यूज़ चैनल का इस्तेमाल सीधे आपके दिलों तक पहुंचने के लिए करता है आपको लगता है खबर दिखाई जा रही है पर वंहा एक दूसरा ही खेल चल रहा होता है।


Bollywood की खराब छवि को बचाने की कोशिश


Being Haangry का PR Stunt क्या अपनी खराब होती छवि को साफ करने की कोशिश है ? क्योंकि यह वही बॉलीवुड है जिसके ज्यादातर चेहरे मुसीबत के समय में देश से बाहर हैं क्योकिं उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपको अब Oxygen मिलती है या नहीं।

जब सब कुछ ठीक हो जाएगा तब वो वापस आ जाएंगे और आपको अपनी अगली फिल्म का ट्रेलर दिखाकर हाथ में कटोरा लेकर आपसे फिर भीख मांग लेंगे ।


देश में मनोरंजन का धंधा करने वाली ये दुनिया अपने मनमाने तरीके से चल रही है । आम आदमी की आंखों पर पट्टी बांधकर उसे वो दिखाया जाता है जो सच नहीं है ।


कई चेहरों को हीरो बना कर पेश किया जाता है जबकि असल में ये वो लोग है जो कहानियों में हीरो का सिर्फ किरदार ही निभाते हैं असल जिंदगी की बात करें तो उनके अंदर हीरो जैसे कोई गुण हैं ही नहीं । फिर भी ये अपनी स्क्रीन पर बनाई गई झूठी छवि के बल पर आपको छलते रहते है कभी किसी Brand endorsement के नाम पर तो कभी अपनी Social media fan following के बल पर ।


अगर वक्त पर नहीं समझे तो कल बहुत देर हो जाएगी


आज हमारा समाज अगर ऐसे नकली हीरो से प्रेरणा लेकर अगर खुद को बदलना शुरू कर देता है तो लंबे समय बाद हमारे समाज की तस्वीर कुछ ऐसी बन जाएगी जो कि इंसानियत के हित में नहीं होगी ।


यही वजह है कि मैं अक्सर इस विषय पर अपने विचार रखता रहता हूं क्योंकि मैं आपको ये बताना चाहता हूं कि आप जिस भुलावे में जी रहे है वो एक ना एक दिन आपको किसी बंद गली में ले जाकर छोड़ सकता है जहां से आगे जाने का रास्ता कोई नहीं होगा।


फिल्में बनाना एक व्यवसाय है । पैसे कमाने का तरीका है और इसके लिए आपके Emotions से,आपकी भावनाओं से खुलकर खिलवाड़ किया जाता है और आप बड़ी आसानी से उनका शिकार बन भी जाते हैं ।


सवाल पूछना और नीयत पहचानना है सबसे ज़रूरी


अगर आप चाहते हैं कि आसपास की दुनिया की तस्वीर बदले तो सबसे पहले आपको दो काम करने होंगे । पहला तो यह कि किसी से भी आसानी से प्रभावित हो जाने की जो आपकी आदत है उसे बदलिए ।


और दूसरा ये कि सवाल पूछने शुरू कीजिए क्योंकि जब तक सवाल नहीं पूछे जाएंगे तब तक जवाब नहीं मिलेंगे जब आप किसी से पूछेंगे ही नहीं कि सही रास्ता क्या है तो आपको सही रास्ता कैसे मिलेगा ।


हर व्यक्ति जो स्क्रीन पर आता है वो अपनी बात कहकर आपके सामने अपना उल्लू सीधा कर रहा होता है और आप उसके झांसे में आ जाते हैं । यह कब तक चलेगा ?


आगे इस पर मैं आप लोगों के विचार जानना चाहूंगा । उम्मीद है आप लोग कमेंट करेंगे और मुझे बताएंगे कि आपकी समझ में क्या आया ।

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