मैनपुरी में देखा जा रहा राजनीतिक घमासान, घर-घर वोट मांग रहे अखिलेश, भाजपा भी दे रही टक्कर



Updated: 03 December, 2022 6:36 pm IST

मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र की देश की राजनीति में काफी सक्रियता है। यहां पर 2 उपचुनाव सहित लगभग 21 चुनाव हो चुके हैं। मुलायम सिंह यादव ने 1996 में लोकसभा चुनाव में कांटे का मुकाबला करने के बाद केवल पर्चा डाल कर सपा प्रत्याशियों का सांसद बनने का समय भी देखा है। जहां विरोधी अब तक चुनाव में बिना मन के उतरते थे वहां अब अलग ही नजारा देखने को मिल रहा। पूरे चुनाव के दौरान जो परिवार 1 या 2 सभाएं करता था वह गांव-गांव दौड़ लगा रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनका परिवार भी रात दिन वोट मांगता हुआ दिखाई दे रहा है।

इन सब के साथ भाजपा भी यहां जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। मैनपुरी लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो जनसभा कर चुके हैं और उपमुख्यमंत्री भी यहां पर डेरा डाले दिखाई दिए। भाजपा द्वारा की जा रही कोशिशों को देख सपा में हलचल भी दिखाई दी।

मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में जब मुलायम सिंह यादव पहली बार सांसद बने तो सपा का ऐसा सुरूर छाया कि कोई भी राजनीतिक दल जीत की दहलीज को नहीं छू सका। जब भी चुनाव होता था मुलायम सिंह यादव 2 से 4 जनसभाएं कर अपनी जीत सुनिश्चित कर दिया करते थे। फिर साल 2019 में मुलायम ने अपने आखिरी चुनाव की घोषणा की और पर्चा भरने के बाद एक जनसभा में शामिल हुए। अब उनका निधन हो गया है और उप चुनाव की घोषणा के बाद जनता फिर से वैसे ही प्रचार की उम्मीद कर रही थी। लेकिन सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य के पार्टी में आने के बाद बीजेपी का जो आक्रमक तेवर यहां दिखाई दिया उसने पूरे चुनाव की तस्वीर बदल दी।

यह देखने में आ रहा है कि डिंपल यादव को प्रत्याशी बनाकर अखिलेश यादव पूरे चुनाव की कमान संभाल चुके हैं और चाचा शिवपाल यादव के साथ उनका फिर से मिलन हो गया है। राजनीति के बीच हुए इस बदलाव ने मतदाताओं को भी हैरान कर दिया है। अब पूरा यादव परिवार गांव-गांव और घर-घर वोट मांग रहा है। हर जगह मुलायम सिंह यादव को वोट के जरिए श्रद्धांजलि देने की अपील की जा रही है। जो प्रचार इस बार किया जा रहा है वह खिलेश ने खुद चुनाव में उतरने के दौरान भी नहीं किया। भाजपा ने भी उनकी स्ट्रेटजी को अपना हथियार बनाते हुए जनता के बीच यह बात डालने की कोशिश करी कि हार सामने दिख रही है इसलिए गांव और हर घर घूम कर प्रचार किया जा रहा है।

पार्टियों के बीच चल रहा ये घमासान जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा ने भी मैनपुरी के चुनाव इतिहास में इस बार से जबरदस्त प्रचार अब तक नहीं किया। ऐसे में दोनों ही पार्टियों के बीच कांटे का मुकाबला होने की बात कही जा रही है।

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